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Showing posts from February, 2018

Pet dard ke ilaaz ke liye gharelu nuskhe aur desi ilaaz

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Aaj ke samya mei pet dard ki samsaya aam baat hai. chote se lekar bde bde tk ko pet dard ki preshani hoti hai.. Iske kae karan hote hai. jaise ki junk food (pizza, burger, meggi), basi khanana khana ,jada oily khana. Aaj hum aapko pet dard ke ilaz ke liye kuch gharelu nuskhe btayegy. Jis se aap ko doctor ke pass jaane ki jrurt nhi phedegii. Unse aapka pet dard minto mei dur ho jaayga . To chaliye jannee ki kosish krte hai . Pet dard se bachne ke upayo ke bare mei : पेट दर्द को ठीक करने के उपाए –(Stomach Pain Ke Liye Gharelu Nuskhe In Hindi): Adark:  Adark ke vaise to bhut sare upyog hote hai. Par ye pet dard mei aap aagar ek adrak ka tukda muh mei rakh lete hai to aapko bhut jaldi pet dard se aaram mil jaayga . Hiig: Hiig pet dard ke liye ko kuch hi minto mei dur kr deti hai.. Iska lep bnakar nabhi mei lagane se bhut jaldi  aaram milega . Isbghol:(इसबगोल ): isbgol subh or sham doodh ke saath lene se pet dard thik ho jaayga . kabj (कब्ज़) ke liye ye bhut ...

Allu Ke Fayde : चेहरे का रंग साफ़ और गोरा करने के लिए

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अक्सर लोग  सोचते हैं कि कहीं  आलू  खाने से चर्बी न बढ़ जाए लेकिन आलू में ऐसे कई  गुण  हैं जिन्हें आप जानेंगे जो इसे जरूर खाना चाहेंगे। आलू में विटमिन सी, विटमिन बी कॉम्पलेक्स, आयरन, कैल्शियम, मैगनीज और फास्फोरस काफी मात्रा में पाए जाते हैं। आलू चेहरे के दाग भी दूर करता है। आज हम आपको आलू के कुछ ऐसे ही गुणों के बारे में बता रहे हैं जिससे आप आपने  चेहरे   को साफ़ और गोरा कर सकते है| Allu Ke Fayde:  वैसे तो आलू(aalu ke fayde)  के बहुत सारे फायदे है लेकिन हम यहा हम आलू हमारे  चेहरे के लिए कैसे फायदेमंद है उसकी बात करेगे | skin colour ke liye Allu ke fayde: चेहरे की रौनक को बनाए रखने के लिए आलू को चेहरे पर लगाएं और 30 मिनट तक लगा रहने दें। आलू को रोज लगाने से चेहरे का रंग साफ होने लगता है और किसी तरह की सूजन हो, तो वह कम होने लगती है। आप आलू के मिक्सचर में नींबू भी मिला सकते हैं। नींबू में विटमिन सी होता है, जो स्किन के कलर को साफ करता है।   यहाँ भी क्लिव्क करे: गर्भावस्था में गाजर के नुक्सान भी जरूर जानने चाहिए आप...

Pitashay Ki Pathri ka aauvadik ilaj

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पित्ताशय हमारे शरीर का एक छोटा सा अंग होता है जो लीवर के न‍िचले सतह से जुडी रहने वाली, नाशपाती के आकार की 10 सेमी लम्‍बी व 3 से 5 सेमी चौडी एक थैली होती है ज‍िसे प‍ित्‍ताशय व प‍ित्‍त की थैली कहते है । इसका कार्य पित्त को संग्रहित करना तथा भोजन के बाद पित्त नली के माध्यम से छोटी आंत में पित्त का स्त्राव करना है। पित्त रस वसा के अवशोषण में मदद करता है। प‍ित्‍त की थैली में दो तरह की द‍िक्‍कतें पैदा हो सकती है एक प‍‍ित्‍ताशय का फूलना या इन्फ्लेमेशन  (INFLAMATION) ,‍ ज‍िसे कोलीस्‍टास‍िस  (CHOLESTASIS)  कहते है और दूसरी प‍ित्‍त पत्थरी  (GALLBLADDER STONE)  के नाम से जाना जाता है । जब इस पित्त में कोलेस्ट्रोल और बिल रुबिन की मात्रा बढ़ जाती हैं तो पत्थरी निर्माण के लिए एक आदर्श स्थिति बन जाती हैं।   पथरी बनने के मुख्य कारण - समय पर ख्राना न खाने से थैली लंबे समय तक भरी रहती है और पाचक रस का पित्त की थैली में जमाव शुरू हो जाता है, जो धीरे- धीरे पथरी का रूप ले लेता है। - इंफेक्शन की वजह से पाचक रस गाढ़े हो जाते हैं और कालांतर में पथरी का र...

HIV Aids के शुरूआती लक्षण: कैसे फैलता है एड्स, कैसे करें बचाव

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दोस्तों आज हम बात करने जा रहे है HIV एड्स के  शुरूआती लक्षण ,कैसे फैलता है एड्स | आज भी हमारे देश में एड्स पर बात करना किसी पाप से कम नही माना जाता | अगर किसी से HIV के बारे में बात भी कर लो तो मानो उनको ये वाएरस फेल जाएगा |   आज भी  स्कूलो में टीचर्स के पास इससे जुड़े सवालों के जवाब नही होते | ऐसा क्यों? चलिए आज हम आपको  एड्स के बारे में पूरी जानकारी | HIV Aids kya hai एड्स का पूरा नाम है 'एक्वायर्ड इम्यूलनो डेफिसिएंशी सिंड्रोम' है और यह बीमारी एच.आई.वी. वायरस से होती है। यह वायरस मनुष्य की प्रतिरोधी क्षमता को कमज़ोर कर देता है। एड्स एच.आई.वी. पाजी़टिव गर्भवती महिला से उसके बच्चे  को, असुरक्षित यौन संबंध से या संक्रमित रक्तस या संक्रमित सूई के प्रयोग से हो सकता है। Aids symptoms  दस्त दुर्बलता वजन घटना लाल चकत्ते बढ़े हुए ग्रंथियां रात में पसीना आना गले में खरास मांसपेशियों में दर्द जोड़ों का दर् ठंड लगना बुखार एड्स रोग कैसे होता ? एक से अधिक महिलाओं से यौन संबंध रखने से ! वेश्‍यावृति करने वालों लोग जो यौन सम्‍...

हर तरह की दाज खाज खुजली से छुटकारा दिलाते हैं ये घरेलू उपचार

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क्या आप दाज खाज खुजली से पेरशान है ? तो ये लेख आपके बहुत काम आएगी | आज के लेख में हम आपको दाज खाज खुजली  इलाज के लिए कुछ घरेलू उपाय बताने जा रह है| अगर आप इन उपाय का प्रयोग करेगे तो आको सभी प्रकार के समस्यों से निजात मिल जायेगी | स्कीन पर किसी भी प्रकार का निशान चाहें वो लाल या काला | दिखने में बहुत बेकार लगते है साथ ही ये skin इन्फेक्शन भी करता है| दाज खाज ऐसी ही इन्फेक्शन का कारण होती है| अगर इन्हें समय रहते ठीक ना किया जाये तो ये पूरे शरीर में फ़ैल सकते है| आईये जानते है इसको ठीक करने के कुछ घरेलू उपाय दाज के कारण- (daaj hone ka karan): ये कई प्रकार क होते है और इसके होने के कई कारण हो सकते है जैसे गीले कपडे पहनने से , किसी दाद ग्रसित आदमी के संपर्क में आने से या पसीना जादा आने से  दाज खाज खुजली का रामवान इलाज : दाज ,खाज , खुजली जैसी समस्या से बचने का एक सबसे बढ़िया उपाय व तरीका है दाज वाली जगह की साफ सफाई जी हा अगर हम इस समस्या के कितानुओ को फ़ैलाने से रोकने में सफल हो जाते है तो यह रोग जल्दी ठीक हो जाती है | दाद वाली जगह को हलके गुनगुने पानी स...

Garmi mein Loo se bachne ke liye asaan gharelu upay kre?

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लू  लगना गर्मी में सबसे बड़ी समस्या होती है लू लगना। अंग्रेजी भाषा में इसे हीट स्ट्रोक (Heat Stroke) और सनस्ट्रोक (Sun Stroke) भी कहते हैं। गर्मी में उच्च तापमान में ज्यादा देर तक रहने से या गर्म हवा के झोंकों से संपर्क में आने पर लू (Loo) लगने का डर अधिक होता है।  कब लगती है लू?  गर्मी में शरीर के द्रव (Body Fluids) सूखने लगते हैं। शरीर में पानी और नमक की कमी होने पर लू लगने का खतरा ज्यादा रहता है। लू लगने पर शरीर में गर्मी, खुश्की और थकावट महसूस होती है। इसमें गर्मी के कारण होने वाली और कई मामूली बीमारियां भी शामिल होती हैं जैसे कि शरीर का सूजन, हीट रैश, हीट क्रैम्प्स (शरीर में अकड़न) और हीट साइनकॉप (बेहोशी) आदि। चिकित्सक शरीर के तापमान को 105 डिग्री फारेनहाइट से अधिक रहने पर और शरीर के सेंट्रल नर्वस सिस्टम में जटिलताओं के पेश आने पर लू लगना (Heat Stroke) कहते हैं। गर्मी में अधिक शारीरिक गतिविधि करने पर, मोटे कपड़े पहनने पर, ज्यादा शराब पीने पर और कम पानी पीने  तथा सबसे ज्यादा बच्चों को बहार धुप में खेलने पर लू लगने का खतरा सबसे ज्यादा मंडराता है...

इन तरीकों से आप जान सकते है अस्थमा के लक्षण (Asthma ke Lakshan)

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                                                          दोस्तों अस्थमा( दमा ) से  तो आप सब परिचित ही होंगे,आजकल बदलते वातावरण प्रदूषण, खान-पान में मिलावट व शुद्धता में कमी के चलते अस्थमा जिसे हम  दमा भी कहते हैं|  मरीजों की संख्या में वृध्दि के मामले निरंतर सामने आ रहे हैं।जब किसी व्यक्ति की छोटी  श्वास नलियों में कोई बीमारी  उत्पन्न हो जाता है तो उस व्यक्ति को सांस लेने मे मुश्किल होने लगती है जिसके कारण उसे खांसी होने लगती है। इस  को हम  दमा रोग कहते हैं।अस्थमा (Asthma) एक गंभीर बीमारी है, जो श्वास नलिकाओं को प्रभावित करती है। श्वास नलिकाएं फेफड़े से हवा को अंदर-बाहर करती हैं। अस्थमा होने पर इन नलिकाओं की भीतरी दीवार में सूजन होता है। यह सूजन नलिकाओं को बेहद संवेदनशील बना देता है और किसी भी बेचैन करनेवाली चीज के स्पर्श से यह तीखी प्रतिक्रिया करता है। जब नलिकाएं प्रतिक्रिया करती हैं, तो उनमें संकुचन होता ...

नारियल पानी के लाभ (nariyal pani/Coconut Water Benefits)

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इसमें कोई संदेह नहीं है कि हर खाद्य पदार्थ में कोई ना कोई पौष्टिक गुण अवश्य होता है। वह गुण हमारे शरीर को एक खास लाभ जरूर देता है। यही कारण है कि पहेले  जमाने में अस्वस्थ होने पर दवाएं देने की बजाय खान-पान सही किया जाता था ताकि जल्द से जल्द स्वस्थ हो सकें। आज हम एक ऐसे फल के गुण आपको बताने जा रहे हैं, जिसे जानने के बाद आप रोजाना इसे पीने का विचार अवश्य बना लेंगे। हम यहां नारियल पानी के लाभों   की बात करेंगे| नारियल पानी तकरीबन सभी को पसंद होता है, खासतौर से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए तो यह दैनिक आहार की तरह ही है। क्योंकि यह फल इसे इलाके में पाया जाता है। नारियल पानी पीने के 10 जबरदस्त  गुड: प्रकृति की ये देन आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद फायेदमंद है। इसके द्वारा सूजन आने जैसी आम समस्या से लेकर हृदय संबंधी रोग जैसी बड़ी बीमारियों तक सभी को आसानी से ठीक किया जा सकता है। इसमें मौजूद Anti Oxidents स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी होते है। इसके अतिरिक्त नारियल पानी में Vitamin C और कैल्शियम की भी अधिक मात्रा पायी जाती है जो हड्डियों को मजबूत करने का काम क...

दालचीनी के नुकसान (side effects of Dalchini)

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दालचीनी हमारे खाने  का स्वाद तो बढ़ाती ही है और यह हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत ज्यादा लाभकारी सिद्ध होती है परतु दालचीनी के कुछ नुकसान (dalchini ke side effects) भी हो सकते हैं आज हम इस  के माध्यम से यही आपको बताने जा रहे हैं  आइए जानते हैं किन लोगों को दालचीनी का सेवन नहीं करना चाहिए ।  1. प्रेग्नेंट महिलाएं (Pregnant women)- आपको बता दें कि जो महिलाएं गर्भवती(pregnant) होती हैं, उन्हें दालचीनी का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे उनको पेट में दर्द और एसिडिटी की समस्या हो जाती हैं। इसके अलावा इसके सेवन से समय से पहले ही डिलीवरी का खतरा  बढ़ जाता हैं। 2. खून का पतला होना(Blood diluted)- दालचीनी को अधिक खाने से खून पतला होने लगता हैं। इसके अलावा दालचीनी का इस्तेमाल उन्हें भी नहीं करना चाहिए जिनको पहले से ही खून की समस्या होती है| 3.लीवर की समस्या (Lever problem)- दालचीनी का सेवन उन लोगों को नहीं करना चाहिए जिनको लीवर में दर्द या  सूजन की समस्या रहती हो। आपको बता दें कि इससे लीवर पूरी तरह से खराब हो सकता हैं। यह भी पढ़ें – ...

पथरी के दर्द से चिल्लाने वाले एक बार लें ये 2 पत्ती ,भूल जायेंगे pathari का नाम

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