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Showing posts from December, 2017

BREAST CANCER

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BREAST CANCER  ब्रैस्ट कैंसर सबसे बड़े पैमाने पर महिलाओं में होने वाली सबसे लाइलाज और सबसे भयंकर बिमारियों में से एक है इस बीमारी के कारण हर साल आंकड़ों के हिसाब से देखा जाये तो लगभग 70000  से 72000 महिलाओं की मौत हो जाती है breast pain यह दिन प्रति दिन तेजी से बढती हुई महोलाओं के लिए  एक सबसे बड़ी ख़तरनाक बीमारी के रूप  में उभर कर सामने आई है                                                            तो आइये दोस्तों जानते हैbreast cancer symptoms  महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होने के कौन से कारण होते है breast cancer stagesयदि शोधकर्ताओं की माने तो ब्रैस्ट कैंसर उन महिलाओं में होता है जिनके माता पिता या किसी पारिवारिक सदस्य के कभी पहले कैंसर हुआ हो इसके अलावा शोधकर्ताओं ने दो ऐसे जींस की खोज की है जो ब्रैस्ट कैंसर होने का 100% कारण बनते है   इन जीनो का नाम BRCA1और BRCA2 है ये जीन 150 म...

adrak ras ke fayde

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अदरक के रस को इन 10 तरीकों से लेंगे तो होगा 10 बीमारियों में फायदा  अदरक का उपयोग केवल मसाले या चाय में नहीं किया जाता है. बल्कि इसके और भी कई उपयोग हैं. अदरक में कई उपयोगी पोषक तत्व पाए जाते हैं. अदरक का कच्चा और सूखा हुआ, दोनों तरह से उपयोग किया जाता है. अदरक का आचार भी बनता है. तो आइए हम जानते हैं कि अदरक के क्या-क्या फायदे हैं, और इसके क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं. अदरक के फायदे और उपयोग : ताजे अदरक को पीसकर इसमें थोड़ा-सा कपूर मिलाकर लेप तैयार लें और फिर इस लेप को सूजन और दर्द वाले भाग में लगाएँ, तो इससे दर्द और सूजन कम हो जाएगा. अदरक का का नियमित सेवन करने से गठिया, अर्थराइटिस, साइटिका, गर्दन और रीढ की हड्डियों आदि से सम्बन्धित समस्याओं में फायदा पहुँचता है. Adrak स्त्रियों पीरियड्स को नियमित करने में मदद करता है. अदरक कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करता है, इससे रक्त संचार ठीक होता है. अदरक एंटी फंगल और कैंसर प्रतिरोधी होता है. सर्दी हो जाने पर अदरक की चाय पीने से फायदा होता है. अदरक के रस को शहद में मिला कर गर्म करके पीने से भी फायदा होता है. सुबह खाली पे...

tulshi ke fayde or nuksan

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तुलसी के फायदे अनगिनत हैं और कुछ नुकसान भी, ज़रूर पढ़िए तुलसी के फायदे और नुक्सान : - तुलसी जिसको अंग्रज़ी में Basil भी कहा जाता है उसके बहुत से अनगिनत फायदे हैं।तुलसी / Tulsi भारत की एक पारम्परिक औषधी है जिसका आयुर्वेद में उपयोग किया जाता है. तुलसी / Basil को टॉनिक (Tonic) के रूप में लेने से झुर्रियाँ नही आती. तुलसी में विटामिन A, विटामिन C और Phytonutrient और एसेंशियल ऑयल्स (Essential Oils) होते है जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में शरीर को नुकसान होने से बचाते है। तुलसी शब्द का अर्थ है “अतुलनीय पौधा”। तुलसी भारत में सबसे पवित्र जड़ी बूटी मानी जाती है और “जड़ी बूटियों की रानी” भी कहलाती है। तुलसी एक अत्यधिक सुगंधित जड़ी बूटी है जो सबसे अधिक खाना पकाने में एक मसाले के रूप में प्रयोग की जाती है, लेकिन यह अपने विभिन्न स्वास्थ्य लाभों के लिए भी काफी लोकप्रिय है। तुलसी के पत्तों और फूलों में कई रसायनिक यौगिक (chemical compounds) हैं जो बीमारी को रोकने और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में उपयोगी हैं। यह कम कैलोरी वाली जड़ी बूटी एंटीऑक्सीडेंट, जलन और सूजन कम करने और जीवाणु...

ashwagandha ke fayde

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अश्वगंधा के फायदे और नुकसान -  अश्वगंधा एक सदाबहार झाड़ी है जो भारत, मध्य पूर्व और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में पाई जाती है। इसकी जड़ें और नारंगी-लाल फल का प्रयोग सैकड़ों वर्षों से औषधीय प्रयोजनों के लिए किया गया है। इस जड़ी बूटी को भारतीय जीन्सेंग या विंटर चेरी भी कहा जाता है। अश्वगंधा का अर्थ 'घोड़े की गंध' है, जो इसकी जड़ों की विशिष्ट गंध को दर्शाता है। अश्वगंधा एक अनुकूलन है और तनाव से लड़ने में मदद करता है। अश्वगंधा को अक्सर पुनर्योजक के रूप में प्रयोग किया जाता है। यह एक शामक, अनुत्तेजक, मूत्रवर्धक और शारीरिक ऊर्जा और धीरज बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। भारत में, मस्तिष्क संबंधी विकारों जैसे कि स्मृति हानि के इलाज के लिए अक्सर बुजुर्ग मरीजों को अश्वगंधा का विवरण दिया जाता है।  अश्वगंधा के फायदे आधुनिक अध्ययनों से पता चला है कि अश्वगंधा कई उपयोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है, जैसे: 1. थायराइड के लिए: - अश्वगंधा जैसे अनुकूली औषधि के बारे में सबसे अविश्वसनीय पहलुओं में से एक यह है कि यह लोगों को हाइपो और हाइपर थाइरोइड दोनों मुद्दों के साथ मदद कर स...

dalchini ke fayde or nuksan

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दालचीनी के औषधीय लाभ :- डायबिटीज ( Cinnamon for Diabetes ) दालचीनी का सेवन डायबिटीज को नियंत्रित रखता है। खासकर टाइप-2 डायबिटीज में। शोधों से पता चला है कि इस मसाले के सेवन से ब्लड में ग्लुकोज का लेवल कम होता है। खाने में 1 चम्मच दालचीनी पाउडर के सेवन से रक्‍त में शर्करा का स्‍तर कम होता है। इसके सेवन से टाइप-2 डायबीटिज में ग्लूकोज का स्तर 18 से 24 फीसदी तक कम हो सकता है। कोलेस्ट्रोल ( Cinnamon for Cholesterol ) दालचीनी हार्ट के सेहत के लिए भी फायदेमंद है। इसमें पाए जाने वाला एंजाइम ट्राईग्लिसराइड और कोलेस्ट्रोल को कम करता है। इसके नियमित सेवन से हार्ट अटैक की संभावना कम रहती है। अल्जाइमर ( Cinnamon for Alzheimer ) अल्जाइमर मस्तिष्क की बीमारी है, जिसमें मस्तिष्क का स्नायु तंत्र काम करना छोड़ देता है। तेल अबीव यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध से पता चला है कि अल्जाइमर के मरीज को जब दालचीनी की जूस नियमित रुप से दिया जाता है तो मस्तिष्क को संदेश पहुंचाने वाला नर्वस सिस्टम बेहतर तरीके से काम करने लगता है। दालचीनी मे एक खास प्रकार की प्रोटीन पाई जाती है- Tau। यह प्...

Amarbel ke fayde

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अमरबेल के खास नुस्खे :- अमरबेल में कई ऐसे दिव्य गुण पाए जाते हैं जिनसे रोगों का आसानी से घरेलू उपचार किया जा सकता है। ग्रामीण अंचलो में सरलता से पाए जाने वाले इस पौधे की कई विशेषताए हैं। साथ ही कई रोगों के उपचार में भी इसका प्रयोग किया जाता है। कैसे पहचाने-  अमरबेल बिना जड़ का पीले रंग का परजीवी पौधा है। यह पेड़ों के ऊपर अपने आप उग आती है। बिना जड़ के पौधों पर ऊपर की ओर चढ़ता है। इसमें गुच्छों में सफेद फूल लगे होते हैं। उपयोग-  कैसी भी खुजली हो, अमरबेल पीसकर उस पर लेप करने से खुजली खत्म हो जाती है। - पेट फूलने एवं आफरा होने पर इसके बीज जल में उबालकर पीस लें। इसका गाढ़ा लेप पेट पर लगाने से आफरा और उदर की पीड़ा खत्म होती है। - खून की खराबी होने पर कोमल ताजी फलियों के साथ तुलसी की चार-पांच पत्तियां चबा-चबाकर चूसना चाहिए। - इसके पत्तों का रस पीने से मूत्र संबंधी विकार दूर होते हैं। - अमरबेल के फूलों का गुलकंद बनाकर खाने से याददाश्त में वृद्धि होती है। - अमरबेल को पानी में उबालकर उससे सूजन वाली जगह की सिकाई करें। कुछ दिनों तक इसका इस्तेमाल करने पर सूजन कम हो जाती ...