dalchini ke fayde or nuksan

दालचीनी के औषधीय लाभ :-


डायबिटीज (Cinnamon for Diabetes)

दालचीनी का सेवन डायबिटीज को नियंत्रित रखता है। खासकर टाइप-2 डायबिटीज में। शोधों से पता चला है कि इस मसाले के सेवन से ब्लड में ग्लुकोज का लेवल कम होता है। खाने में 1 चम्मच दालचीनी पाउडर के सेवन से रक्‍त में शर्करा का स्‍तर कम होता है। इसके सेवन से टाइप-2 डायबीटिज में ग्लूकोज का स्तर 18 से 24 फीसदी तक कम हो सकता है।
कोलेस्ट्रोल (Cinnamon for Cholesterol)

दालचीनी हार्ट के सेहत के लिए भी फायदेमंद है। इसमें पाए जाने वाला एंजाइम ट्राईग्लिसराइड और कोलेस्ट्रोल को कम करता है। इसके नियमित सेवन से हार्ट अटैक की संभावना कम रहती है।
अल्जाइमर (Cinnamon for Alzheimer)

अल्जाइमर मस्तिष्क की बीमारी है, जिसमें मस्तिष्क का स्नायु तंत्र काम करना छोड़ देता है। तेल अबीव यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध से पता चला है कि अल्जाइमर के मरीज को जब दालचीनी की जूस नियमित रुप से दिया जाता है तो मस्तिष्क को संदेश पहुंचाने वाला नर्वस सिस्टम बेहतर तरीके से काम करने लगता है।
दालचीनी मे एक खास प्रकार की प्रोटीन पाई जाती है- Tau। यह प्रोटीन मस्तिष्क के स्नायुओं को सक्रिय करती है जिससे मस्तिष्क में संदेश और संवेदना पहुंचता है। इसलिए कहा गया है कि दालचीनी खाने से अल्जाईमर बीमारी आपके मस्तिष्क पर जल्दी आक्रमण नहीं कर सकती है।
अल्जाईमर बीमारी से बचने के लिए शहद में दालचीनी मिला कर इसे नियमित रूप से खाली पेट खाना चाहिए। अमेरिका के कृषि विभाग ने कैंसर में दालचीनी के औषधीय महत्व पर शोध किया है। इस शोध से पता चला है कि दालचीनी ब्लड कैंसर (Leukaemia) से लड़ने की एक कारगर दवा है। दालचीनी के सेवन से कैंसर कोशिकाओं का बनना और फैलना बंद हो जाता है।
गठिया और जोड़ों का दर्द (Cinnamon for Gout or Joint Pain)

दालचीनी में एक केमिकल कंपाउड पाई जाता है जिसका नाम है Cinnamomum, जिसमें एंटी इफ्लामेटरी गुण पाये जाते हैं। यह गठिया और जोड़ों के दर्द के लिए एक असरदार घरेलू उपाय है। दालचीनी को पहले कूटकर अच्छी तरह से पीस लें और पानी में इसे घोल कर पेस्ट बना लें। इसे दर्द वाले स्थान पर लगाएं, काफी राहत मिलेगी।

दालचीनी में काफी मात्रा में मैग्नीशियम, फाइबर, कैल्शियम और तेल पाए जाते हैं। कैल्शियम और फाइबर बाइल साल्ट के साथ मिलकर और तेल पाचक रस (Gastric Juice) के साथ मिलकर पाचन क्रिया को मजबूत बनाती है।
इतना ही नहीं एंटी दालचीनी के इफ्लामेट्री गुण होने के कारण यह पेट के अल्सर को भी ठीक करती है। अगर दालचीनी को मिंट के पत्ते के साथ खाया जाए तो यह पाचन में काफी सहयोगी होती है।
वजन कम करना इसमें पाचन क्रिया को तेज करने वाली गुण होती है। यह कार्बोहाइ़ड्रेट को तोड़ने का काम करती है। इसे पानी में उबाल कर शहद मिला कर सुबह खाली पेट पीने से मोटापे से छुटकारा मिलता है।

Comments

Popular posts from this blog

ashwagandha ke fayde

tulshi ke fayde or nuksan