इन तरीकों से आप जान सकते है अस्थमा के लक्षण (Asthma ke Lakshan)
दोस्तों अस्थमा(दमा) से तो आप सब परिचित ही होंगे,आजकल बदलते वातावरण प्रदूषण, खान-पान में मिलावट व शुद्धता में कमी के चलते अस्थमा जिसे हम दमा भी कहते हैं| मरीजों की संख्या में वृध्दि के मामले निरंतर सामने आ रहे हैं।जब किसी व्यक्ति की छोटी श्वास नलियों में कोई बीमारी उत्पन्न हो जाता है तो उस व्यक्ति को सांस लेने मे मुश्किल होने लगती है जिसके कारण उसे खांसी होने लगती है। इस को हम दमा रोग कहते हैं।अस्थमा (Asthma) एक गंभीर बीमारी है, जो श्वास नलिकाओं को प्रभावित करती है। श्वास नलिकाएं फेफड़े से हवा को अंदर-बाहर करती हैं। अस्थमा होने पर इन नलिकाओं की भीतरी दीवार में सूजन होता है। यह सूजन नलिकाओं को बेहद संवेदनशील बना देता है और किसी भी बेचैन करनेवाली चीज के स्पर्श से यह तीखी प्रतिक्रिया करता है। जब नलिकाएं प्रतिक्रिया करती हैं, तो उनमें संकुचन होता है और उस स्थिति में फेफड़े में हवा की कम मात्रा जाती है। इससे खांसी, नाक बजना, छाती का कड़ा होना, रात और सुबह में सांस लेने में तकलीफ आदि जैसे लक्षण(अस्थमा के लक्षण ) पैदा होते हैं।
दमा(अस्थमा) के लक्षण (Asthma – SIGNS AND SYMPTOMS)
दोस्तों जब भी हमारे फेफड़ों तक सही ढंग से हवा नहीं पहुंचती, तो अक्सर हमे सांस लेने में मुश्किल होती है। दमा (अस्थमा) एक ऐसी बिमारी है, जो या तो अचानक शुरू हो जाता है या फिर अधिक खांसी होने पर, छींक या सर्दी जैसी एलर्जी वाले लक्षणों से शुरू होता है। ऐसे ही अस्थमा के लक्षण इस प्रकार से है…
- सांस लेने में बहुत मुश्किल होना।
- सीने में जकडन का महसूस होना।
- बैचेनी महसूस होना।
- सांस लेने पर घरघराहट की आवाज सुनाई देना।
- सांस लेते समय पसीना आना।
- सांस लेते समय थकावट का होना।
- अस्थमा से पीड़ित रोगी की कफ का सख्त होना और साथ में उसमें से बदबू आना।
अस्थमा के घरेलू उपाय
अगर देखा जाए तो इसका किसी भी प्रकार से इलाज नहीं किया जा सकता, लेकिन जब हम दवा और कुछ घरेलू उपाय अपनाते हैं, तो इसे कम कर सकते हैं जैसे कि…
- एक लिटर पानी में एक चम्मच मेथी का उबाले फिर इस पानी को छान लें, फिर दो चम्मच अदरक के पेस्ट से उसका रस निकालकर मेथी वाले पानी में डाल दें, फिर उसमें शहद एक चम्मच डालकर मिश्रण तैयार करें। यह तैयार किया हुआ मिश्रण दमा वाले रोगियों को रोज सुबह पीना चाहिए।
- दो चम्मच आंवले का पाउडर में एक चम्मच शहद का मिलाकर एक मिश्रण बनाएं, इसका सेवन हर रोज सुबह करें।
- जब भी दमा के मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो तो एक कटोरी में शहद लेकर सूंघे।
- सरसों के तेल में कपूर को डालकर अच्छे से गर्म करें फिर उसकी मालिश अच्छे से पीठ और सीने पर करें, ऐसा करने से दमा के मरीजों को काफी हद तक राहत का एहसास होगा।
- दमा के मरीज को गरमा गरम कॉफी पीने से बहुत ही राहत मिलती है, क्योंकि इससे उनकी श्वास नली साफ होती है जिससे वो आसानी से सांस ले सकते हैं।
- एक चम्मच अदरक का रस, अनार का रस और शहद डालकर एक मिश्रण तैयार करें, इसका सेवन दिन में तीन से चार बार करें, ऐसा करने से दमा से राहत मिलेगी।
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